बुध का वृश्चिक राशि में गोचर – 5 दिसंबर 2019

नवग्रहों में बुध को युवराज का दर्जा प्राप्त है।वैदिक ज्योतिष में यह ग्रह बुद्धिमत्ता, ज्ञान और संचार का कारक है। बुध ग्रह का गोचर काल बहुत कम समय का होता है, यह एक राशि में 14 दिन रहता है और उसके बाद अगली राशि में गोचर कर जाता है। बुध ग्रह एक तटस्थ ग्रह है […]

शुक्र का मिथुन राशि में गोचर (29 जून, 2019)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र को सभी नवग्रहों में बेहद शुभ ग्रह की उपाधि दी गयी है। शुक्र ग्रह विशेष रूप से वृषभ और तुला राशि का स्वामी है। इसके साथ इस ग्रह को मीन राशि में उच्च और कन्या राशि में निम्न प्रभाव वाला माना जाता है। कुंडली में शुक्र के प्रभाव से जातक को सांसारिक […]

गुरु गोचर 2019

गुरु गोचर हिंदू ज्योतिष में शास्त्र अहम माना जाता है। नवग्रहों में बृहस्पति ग्रह को सबसे शुभ माना गया है। यह संतान, ज्ञान, धर्म व दर्शन का कारक है और शुभ ग्रह होने की वजह से उत्तम फल प्रदान करता है। गुरु ग्रह को धनु व मीन राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह कर्क राशि में उच्च भाव और मकर राशि में नीच भाव में रहता […]

रत्न परामर्श – रत्न विचार

रत्न क्या है? रत्न धारण करने के लिए हमेशा कुंडली का सही निरीक्षण बेहद जरूरी है। यदि कुंडली के सही विश्लेषण के बिना ही रत्न धारण किया जाये तो यह जातक के लिए नुक़सानदेह हो सकता है। रत्न एक प्रकार के बहुमूल्य पत्थर होते हैं जो बहुत प्रभावशाली और आकर्षक होते हैं। रत्न अपने ख़ास गुणों के […]

Rahu – Ketu Transit 2019-2020

राहु गोचर 2019 वैदिक ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह कहा गया है। यदि कुंडली में राहु मजबूत स्थिति में है तो यह व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान और राजनीतिक सफलताएं प्रदान करता है। इसके विपरीत यदि कुंडली में राहु की स्थिति प्रतिकूल है तो यह अनेक प्रकार की शारीरिक व्याधियां पैदा करता है। इसे कार्य सिद्धि में बाधाएं […]

कालसर्प दोष

कालसर्प दोष कई लोगों का मानना है कि काल सर्प योग बहुत खतरनाक होता है। हिन्दी में काल का एक अर्थ “मृत्यु” भी होता है वहीं सर्प का अर्थ होता है “साँप”। ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को साँप का मुंह और पूंछ माना जाता है, इसलिए काल सर्प योग या कालसर्प दोष की उत्पत्ति उस स्थिति में […]

केतु

वैदिक ज्योतिष में केतु ग्रह केतु ग्रह, कुंडली में स्थित 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष में केतु एक क्रूर ग्रह है, परंतु यदि केतु कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर होने पर यह […]

राहु

राहु ग्रह, कुंडली में स्थित 12 भावों पर विभिन्न तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष में राहु एक क्रूर ग्रह है, परंतु यदि राहु कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर होने पर यह अशुभ फल देता है। आइए […]

शनि

वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह शनि ग्रह, कुंडली में स्थित 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष में शनि एक क्रूर ग्रह है, परंतु यदि शनि कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर होने पर यह […]

शुक्र

वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह ज्योतिष में शुक्र ग्रह जन्म कुंडली में स्थित 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। इसके अतिरिक्त शुक्र एक शुभ ग्रह है, परंतु यदि शुक्र कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर […]

बृहस्पति

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति या गुरु ग्रह ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह कुंडली में स्थित 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। यह एक शुभ ग्रह है, अतः जातकों को इसके शुभ फल प्राप्त होते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं बृहस्पति ग्रह के विभिन्न भावों […]

बुध

वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह ज्योतिष में बुध ग्रह, हमारी जन्म कुंडली में स्थित 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। इसके अतिरिक्त बुध एक तटस्थ ग्रह है, परंतु विभिन्न ग्रहों से युति के कारण इसके फलों में भी परिवर्तन देखने को मिलते हैं। आइए […]

मंगल

वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह ज्योतिष में मंगल एक क्रूर ग्रह है। मनुष्य जीवन के लिए यह बड़ा प्रभावकारी ग्रह है। मंगल दोष के कारण लोगों के विवाह में कठिनाई आती है। इसके हमारी जन्म कुंडली में स्थित सभी 12 भावों में इसका प्रभाव भिन्न होता है। उन प्रभावों को आप यहाँ विस्तृत रूप से […]

चंद्र

वैदिक ज्योतिष में चंद्र ग्रह ज्योतिष में चंद्र ग्रह का विशेष स्थान है। हालाँकि खगोल विज्ञान में चंद्रमा को पृथ्वी ग्रह का एक प्राकृतिक उपग्रह माना जाता है। ज्योतिष में इसके द्वारा व्यक्ति की चंद्र राशि ज्ञात होती है। जन्म कुंडली में स्थित 12 भावों में चंद्र ग्रह का अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। उन प्रभावों को आप […]

सूर्य

वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह ज्योतिष में सूर्य ग्रह का विशेष महत्व है। हिन्दू धर्म में सूर्य को देवता का स्वरूप मानकर इसकी आराधना की जाती है। यह धरती पर ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को तारों का जनक माना जाता है। पृथ्वी से सूर्य की दूरी क्रमशः बुध और शुक्र के बाद […]

कुम्भ – राशिफल

कुंभ राशि का चिन्ह कुंभ राशिफल के अनुसार, कुंभ भचक्र की ग्यारहवीं राशि है। इस राशि का प्रतीक चिह्न घड़ा है। दरअसल कुंभ एक संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ कलश अथवा घड़ा होता है। इसलिए घड़ा के रूप में कुंभ राशि को दर्शाया जाता है। वैदिक ज्योतिष में कुंभ राशि का स्वामी शनि ग्रह […]

मकर राशिफल

मकर राशि का चिन्ह मकर राशिफल के मुताबिक राशि चक्र में मकर राशि का स्थान दसवाँ है। यदि इसके प्रतीकात्मक रूप की बात करें तो हिन्दू संस्कृति के अनुसार मकर एक जलीय जीव है। हालाँकि इसके शरीर के आधे भाग में स्थलीय एवं आधे भाग में जलीय जीवों (हिरण, मगरमच्छ, हाथी, मछली की पूँछ आदि) […]

धनु राशिफल

धनु राशि चक्र की नौवीं राशि होती है। इस राशि का प्रतीक एक अश्व मानव होता है, जिसका पिछ्ला हिस्सा घोड़े का होता है और सामने का हिस्सा मानव का है जिसके हाथ में प्रत्यंचा चढ़ा हुआ तीर धनुष रहता है। मानव अंग, जिसके हाथ में एक तीर धनुष है वह स्वर्ग की ओर इशारा […]

वृश्चिक – राशिफल

वृश्चिक – राशि चिन्ह वृश्चिक राशिचक्र की आठवीं राशि होती है। वृश्चिक का राशि चिन्ह “बिच्‍छू” होता है। इसका स्‍वामी ग्रह “मंगल” है और यह एक स्थिर राशि होती है। वृश्चिक राशि वाले जातकों को अपने शांत एवं विनम्र व्यवहार से जाना जाता है। यह एक जलीय राशि है और इस राशि के जातक अपने अनुभव […]

तुला राशिफल

तुला- राशि चिन्ह तुला राशि, राशि चक्र में सातवें स्थान पर आती हैं। यह राशि सबसे अलग मानी जाती हैं। इसका चिन्ह तराजू के जैसा है, जिसका अर्थ होता है सम्पूर्णता, सुन्दरता एवं संतुलन को समझने की क्षमता रखना। तुला राशी का स्वामी ग्रह “शुक्र” और इसका तत्व वायु होता है। इसका स्वामी ग्रह “शुक्र” […]