राहु गोचर 2020

राहु गोचर 2020 से जानते हैं सभी राशियों पर राहु के राशि परिवर्तन का विशेष प्रभाव और राहु ग्रह के ज्योतिषीय महत्व के बारे में। वैदिक ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह कहा गया है। वैभव जानी – शास्त्रीजी के अनुसार राहु का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है फिर भी मानव जीवन में इसका सबसे […]

श्राद्ध 2020

हिंदू धर्म में अनेकों रीति-रिवाज, व्रत-त्यौहार, और परंपराएं मनाई जाती हैं। हिंदुओं में किसी भी इंसान के जन्म लेने से लेकर उसकी मृत्यु तक अनेकों प्रकार के रीति-रिवाज़ों का पालन किए जाने की मान्यताएं हैं। इंसान के अंत्येष्टि को उसका अंतिम संस्कार माना गया है लेकिन, अंतिम संस्कार के बाद भी कुछ ऐसे काम होते हैं, जिन्हें […]

जन्मदिवस संस्कार

हिन्दू धर्म में जन्मदिवस संस्कार को भी अहम माना गया है। जिस प्रकार से भगवान राम और श्री कृष्ण के जन्म दिवस को रामनवमी और जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है, उसी प्रकार हर व्यक्ति का जन्मदिवस भी उसके लिए विशेष अहमियत रखता है। किसी भी व्यक्ति का जन्मदिन यूँ तो एक सामान्य दिन […]

मंगल का मकर राशि में गोचर और प्रभाव (22 मार्च, 2020)

मंगल ग्रह 22 मार्च, रविवार को दोपहर 13:44 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा। यह मंगल की उच्च राशि है, इसलिए यहाँ मंगल काफी बलशाली हो जाता है। मंगल एक अग्नि तत्व प्रधान ग्रह है और मकर एक पृथ्वी तत्त्व की राशि है। इस प्रकार एक अग्नि तत्त्व प्रधान ग्रह का […]

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर – 5 दिसंबर 2019

नवग्रहों में बुध को युवराज का दर्जा प्राप्त है।वैदिक ज्योतिष में यह ग्रह बुद्धिमत्ता, ज्ञान और संचार का कारक है। बुध ग्रह का गोचर काल बहुत कम समय का होता है, यह एक राशि में 14 दिन रहता है और उसके बाद अगली राशि में गोचर कर जाता है। बुध ग्रह एक तटस्थ ग्रह है […]

शुक्र का मिथुन राशि में गोचर (29 जून, 2019)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र को सभी नवग्रहों में बेहद शुभ ग्रह की उपाधि दी गयी है। शुक्र ग्रह विशेष रूप से वृषभ और तुला राशि का स्वामी है। इसके साथ इस ग्रह को मीन राशि में उच्च और कन्या राशि में निम्न प्रभाव वाला माना जाता है। कुंडली में शुक्र के प्रभाव से जातक को सांसारिक […]

गुरु गोचर 2019

गुरु गोचर हिंदू ज्योतिष में शास्त्र अहम माना जाता है। नवग्रहों में बृहस्पति ग्रह को सबसे शुभ माना गया है। यह संतान, ज्ञान, धर्म व दर्शन का कारक है और शुभ ग्रह होने की वजह से उत्तम फल प्रदान करता है। गुरु ग्रह को धनु व मीन राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह कर्क राशि में उच्च भाव और मकर राशि में नीच भाव में रहता […]

रत्न परामर्श – रत्न विचार

रत्न क्या है? रत्न धारण करने के लिए हमेशा कुंडली का सही निरीक्षण बेहद जरूरी है। यदि कुंडली के सही विश्लेषण के बिना ही रत्न धारण किया जाये तो यह जातक के लिए नुक़सानदेह हो सकता है। रत्न एक प्रकार के बहुमूल्य पत्थर होते हैं जो बहुत प्रभावशाली और आकर्षक होते हैं। रत्न अपने ख़ास गुणों के […]

Rahu – Ketu Transit 2019-2020

राहु गोचर 2019 वैदिक ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह कहा गया है। यदि कुंडली में राहु मजबूत स्थिति में है तो यह व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान और राजनीतिक सफलताएं प्रदान करता है। इसके विपरीत यदि कुंडली में राहु की स्थिति प्रतिकूल है तो यह अनेक प्रकार की शारीरिक व्याधियां पैदा करता है। इसे कार्य सिद्धि में बाधाएं […]

कालसर्प दोष

कालसर्प दोष कई लोगों का मानना है कि काल सर्प योग बहुत खतरनाक होता है। हिन्दी में काल का एक अर्थ “मृत्यु” भी होता है वहीं सर्प का अर्थ होता है “साँप”। ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को साँप का मुंह और पूंछ माना जाता है, इसलिए काल सर्प योग या कालसर्प दोष की उत्पत्ति उस स्थिति में […]

राहु गोचर 2020

राहु गोचर 2020 से जानते हैं सभी राशियों पर राहु के राशि परिवर्तन का विशेष प्रभाव और राहु ग्रह के ज्योतिषीय महत्व के बारे में। वैदिक ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह कहा गया है। वैभव जानी – शास्त्रीजी के अनुसार राहु का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है फिर भी मानव जीवन में इसका सबसे […]

श्राद्ध 2020

हिंदू धर्म में अनेकों रीति-रिवाज, व्रत-त्यौहार, और परंपराएं मनाई जाती हैं। हिंदुओं में किसी भी इंसान के जन्म लेने से लेकर उसकी मृत्यु तक अनेकों प्रकार के रीति-रिवाज़ों का पालन किए जाने की मान्यताएं हैं। इंसान के अंत्येष्टि को उसका अंतिम संस्कार माना गया है लेकिन, अंतिम संस्कार के बाद भी कुछ ऐसे काम होते हैं, जिन्हें […]

जन्मदिवस संस्कार

हिन्दू धर्म में जन्मदिवस संस्कार को भी अहम माना गया है। जिस प्रकार से भगवान राम और श्री कृष्ण के जन्म दिवस को रामनवमी और जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है, उसी प्रकार हर व्यक्ति का जन्मदिवस भी उसके लिए विशेष अहमियत रखता है। किसी भी व्यक्ति का जन्मदिन यूँ तो एक सामान्य दिन […]

मंगल का मकर राशि में गोचर और प्रभाव (22 मार्च, 2020)

मंगल ग्रह 22 मार्च, रविवार को दोपहर 13:44 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा। यह मंगल की उच्च राशि है, इसलिए यहाँ मंगल काफी बलशाली हो जाता है। मंगल एक अग्नि तत्व प्रधान ग्रह है और मकर एक पृथ्वी तत्त्व की राशि है। इस प्रकार एक अग्नि तत्त्व प्रधान ग्रह का […]

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर – 5 दिसंबर 2019

नवग्रहों में बुध को युवराज का दर्जा प्राप्त है।वैदिक ज्योतिष में यह ग्रह बुद्धिमत्ता, ज्ञान और संचार का कारक है। बुध ग्रह का गोचर काल बहुत कम समय का होता है, यह एक राशि में 14 दिन रहता है और उसके बाद अगली राशि में गोचर कर जाता है। बुध ग्रह एक तटस्थ ग्रह है […]

शुक्र का मिथुन राशि में गोचर (29 जून, 2019)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र को सभी नवग्रहों में बेहद शुभ ग्रह की उपाधि दी गयी है। शुक्र ग्रह विशेष रूप से वृषभ और तुला राशि का स्वामी है। इसके साथ इस ग्रह को मीन राशि में उच्च और कन्या राशि में निम्न प्रभाव वाला माना जाता है। कुंडली में शुक्र के प्रभाव से जातक को सांसारिक […]

गुरु गोचर 2019

गुरु गोचर हिंदू ज्योतिष में शास्त्र अहम माना जाता है। नवग्रहों में बृहस्पति ग्रह को सबसे शुभ माना गया है। यह संतान, ज्ञान, धर्म व दर्शन का कारक है और शुभ ग्रह होने की वजह से उत्तम फल प्रदान करता है। गुरु ग्रह को धनु व मीन राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह कर्क राशि में उच्च भाव और मकर राशि में नीच भाव में रहता […]

रत्न परामर्श – रत्न विचार

रत्न क्या है? रत्न धारण करने के लिए हमेशा कुंडली का सही निरीक्षण बेहद जरूरी है। यदि कुंडली के सही विश्लेषण के बिना ही रत्न धारण किया जाये तो यह जातक के लिए नुक़सानदेह हो सकता है। रत्न एक प्रकार के बहुमूल्य पत्थर होते हैं जो बहुत प्रभावशाली और आकर्षक होते हैं। रत्न अपने ख़ास गुणों के […]

Rahu – Ketu Transit 2019-2020

राहु गोचर 2019 वैदिक ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह कहा गया है। यदि कुंडली में राहु मजबूत स्थिति में है तो यह व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान और राजनीतिक सफलताएं प्रदान करता है। इसके विपरीत यदि कुंडली में राहु की स्थिति प्रतिकूल है तो यह अनेक प्रकार की शारीरिक व्याधियां पैदा करता है। इसे कार्य सिद्धि में बाधाएं […]

कालसर्प दोष

कालसर्प दोष कई लोगों का मानना है कि काल सर्प योग बहुत खतरनाक होता है। हिन्दी में काल का एक अर्थ “मृत्यु” भी होता है वहीं सर्प का अर्थ होता है “साँप”। ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को साँप का मुंह और पूंछ माना जाता है, इसलिए काल सर्प योग या कालसर्प दोष की उत्पत्ति उस स्थिति में […]